Shopee बिक्री और लाभ रिपोर्ट: घंटों बचाने वाला तरीका
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पिछले महीने मेरा एक SKU, Shopee पर 5,200 रुपये का बिका था — लेकिन जब मैंने पूरा हिसाब लगाया तो पता चला कि लाभ सिर्फ 850 रुपये था। Platform फीस, शिपिंग, और रिफंड ने इतना खा लिया कि मैं हैरान रह गया।
अगर आप भी ऐसा ही कुछ अनुभव कर रहे हैं, तो जान लें कि आप अकेले नहीं हैं। Shopee जैसे प्लेटफार्म पर बिक्री बढ़ाना आसान है, लेकिन लाभ का सही हिसाब रखना मुश्किल हो जाता है — खासकर तब जब आप हर SKU के पीछे लगे रहते हैं।
इस गाइड में मैं वही सीख साझा कर रहा हूँ जो मैंने नौ महीने में सीखा है: बिना घंटों स्प्रेडशीट में बैठे, कैसे Shopee बिक्री और लाभ रिपोर्ट को ऑटोमेट करें। आप सीखेंगे कि कौन सी फीस कैलकुलेट करें, रिफंड और रिटर्न को कैसे ट्रैक करें, और सबसे महत्वपूर्ण — कैसे अपने सबसे ज्यादा कमाई वाले SKU को पहचानें।
Shopee प्रॉफिट रिपोर्ट क्यों जरूरी है — और आप गलतियां कहाँ कर बैठते हैं
मेरा पहला अनुभव 2022 में था जब मैंने एक ऐसा प्रोडक्ट लिस्ट किया जो Shopee पर बहुत बिक रहा था। मैंने सिर्फ gross revenue देखा — कुल बिक्री ₹12,000 थी। लगा, अच्छा हुआ। लेकिन जब मैंने पूरा हिसाब लगाया तो पता चला:
- Shopee कमीशन: 15% = ₹1,800 - प्लेटफार्म फीस: ₹320 - शिपिंग सब्सिडी: ₹280 (कम मिला तो मुझे ₹400 खुद देना पड़ा) - पेमेंट गेटवे फीस: 2.5% = ₹300 - एक रिफंड हुआ ₹800
Net profit: सिर्फ ₹8,600 — यानी gross revenue का 71% ही बचा।
अब सोचिए, अगर आप ऐसे 20-30 SKU चला रहे हैं, तो हर महीने ₹5,000-₹10,000 तक का फर्क पड़ सकता है।
जहाँ ज्यादातर विक्रेता सिर्फ revenue देखते हैं, वहीं smart विक्रेता profit per SKU देखते हैं। Shopee के डैशबोर्ड में आपको टॉप लेवल के आंकड़े मिल जाते हैं, लेकिन जब तक आप SKU-लेवल पर लागत और फीस कैलकुलेट नहीं करते, आप असली स्थिति नहीं जान सकते।
आपकी गलती कहाँ होती है? - सिर्फ gross revenue पर ध्यान देना — जैसे मेरा पहले हुआ था। - शिपिंग लागत को अलग से ट्रैक न करना (Shopee कभी-कभी सब्सिडी देता है, कभी नहीं)। - रिफंड और रिटर्न को लागत में शामिल नहीं करना। - मुद्रा रूपांतरण को नजरअंदाज करना (अगर आप इंटरनेशनल बेच रहे हैं)।
इन सबका समाधान है एक सिस्टम जो हर ट्रांजैक्शन को लाइन-बाय-लाइन कैलकुलेट करे — जैसे Gomarginify करता है।
स्टेप-बाय-स्टेप: Shopee बिक्री और लाभ रिपोर्ट बनाना शुरू करें
अगर आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले 30 दिन बस डेटा इकट्ठा करें — बिना किसी ऑटोमेशन टूल के। इसके बाद आप ऑटोमेशन की तरफ बढ़ सकते हैं।
**स्टेप 1: Shopee से raw data निकालें — बिना किसी टूल के** Shopee आपको तीन तरह के रिपोर्ट देता है: - ऑर्डर रिपोर्ट (Excel फाइल) - फाइनेंशियल रिपोर्ट (हर ट्रांजैक्शन का ब्रेकडाउन) - रेफरल फी रिपोर्ट (अगर आपने स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स चलाए हैं)
आपको ये तीनों फाइलें हर महीने अपने Shopee विक्रेता डैशबोर्ड से डाउनलोड करनी हैं। लेकिन यहाँ समस्या है: - फाइलें अलग-अलग टैब में होती हैं, जिन्हें मिलाना पड़ता है। - रिफंड और रिटर्न को ढूंढना मुश्किल हो सकता है अगर आपने उन्हें अलग से ट्रैक नहीं किया। - अगर आप इंटरनेशनल विक्रेता हैं, तो करेंसी कन्वर्जन जोड़ना होता है।
मेरा पहला महीना लग गया सिर्फ डेटा मिलाने में। उसके बाद मैंने देखा कि एक SKU, जिसका मैंने ₹1,200 का प्रॉफिट सोचा था, असल में ₹450 का घाटा चला गया था क्योंकि शिपिंग सब्सिडी घट गई थी।
**स्टेप 2: लागतों को मैन्युअली कैलकुलेट करें — हर SKU के लिए** अब raw data मिल जाने के बाद, हर SKU के लिए लागत निकालें: - उत्पाद लागत (आपने कितना दिया था) - Shopee कमीशन (15% अगर नॉन-स्पॉन्सर्ड, 20% अगर स्पॉन्सर्ड) - प्लेटफार्म फीस (₹10-₹50 प्रति ऑर्डर) - शिपिंग लागत (आपने कितना दिया, Shopee ने कितना सब्सिडाइज किया) - पेमेंट गेटवे फीस (2.5% अगर UPI/क्रेडिट कार्ड) - रेफरल फीस (अगर आपने ऐड चलाए हैं) - रिफंड और रिटर्न (हर रिफंड पर 15% कमीशन Shopee लेता है)
उदाहरण: एक ₹1,500 वाला प्रोडक्ट बना आपको ₹800 पड़ा। Shopee कमीशन ₹225, शिपिंग ₹120, पेमेंट फीस ₹37.5, रिफंड हुआ ₹300 (तो कमीशन ₹45)। Net profit: ₹800 - ₹225 - ₹120 - ₹37.5 - ₹45 = ₹372.5
अगर आपने इसे सिर्फ gross revenue से देखा होता, तो लगता कि ₹1,500 - ₹800 = ₹700 profit था।
**स्टेप 3: स्प्रेडशीट को ऑटोमेट करें — और 90% समय बचाएं** अगर आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो Google Sheets या Excel में एक सरल फॉर्मूला बना सकते हैं। - ऑर्डर रिपोर्ट से SKU ID, quantity, और revenue निकालें। - दूसरी टैब में लागतें जोड़ें (उत्पाद लागत, शिपिंग, आदि)। - तीसरी टैब में Shopee कमीशन और फीस जोड़ें। - फाइनल टैब में net profit निकालें।
लेकिन यहाँ दिक्कत है: अगर आप 50+ SKU चला रहे हैं, तो हर महीने फॉर्मूले अपडेट करना पड़ेगा। और अगर आप नए SKU जोड़ते हैं, तो उन्हें मैन्युअली ऐड करना होगा।
मेरा सुझाव: जैसे ही आपके SKU की संख्या 20-30 तक पहुंचे, ऑटोमेशन टूल की तरफ बढ़ें।} {
Step by step
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स्टेप 1: Shopee डेटा निकालना — शुरुआत सही करें
Shopee विक्रेता डैशबोर्ड में लॉगिन करें। तीन रिपोर्ट डाउनलोड करें: 1. ऑर्डर रिपोर्ट (बिक्री की तारीख, SKU, quantity, gross revenue) 2. फाइनेंशियल रिपोर्ट (हर ट्रांजैक्शन का ब्रेकडाउन — कमीशन, फीस, रिफंड) 3. स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स रिपोर्ट (अगर आपने ऐड चलाए हैं)
टिप: अगर आप इंटरनेशनल विक्रेता हैं, तो करेंसी कन्वर्जन को भी सेव करें। उदाहरण: अगर आप USD में पेमेंट लेते हैं, तो उसे INR में बदलने के लिए एक्सचेंज रेट नोट करें।
मेरा अनुभव: पहले महीने मैंने सिर्फ ऑर्डर रिपोर्ट निकाली थी। जब मैंने फाइनेंशियल रिपोर्ट मिलाई तो पता चला कि 8% कमीशन और फीस निकालने के बाद मेरा net revenue काफी कम हो गया था।
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स्टेप 2: लागतें जोड़ना — वो चीजें जो Shopee नहीं दिखाता
हर SKU के लिए लागतें निकालें: - उत्पाद लागत: आपने कितना दिया था (इन्वेंटरी कैपिटल) - शिपिंग लागत: आपने कितना दिया, Shopee ने कितना सब्सिडाइज किया - पेमेंट गेटवे फीस: 2.5% अगर UPI/क्रेडिट कार्ड - रिफंड लागत: हर रिफंड पर 15% कमीशन और रिटर्न शिपिंग - मार्केटिंग लागत: अगर आपने स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स चलाए हैं
उदाहरण: एक ₹2,000 का प्रोडक्ट बना आपको ₹950 पड़ा। Shopee कमीशन ₹300, शिपिंग ₹150, पेमेंट फीस ₹50, एक रिफंड हुआ ₹600 (तो कमीशन ₹90)। Net profit: ₹950 - ₹300 - ₹150 - ₹50 - ₹90 = ₹360
अगर आपने सिर्फ gross revenue देखा होता, तो लगता कि ₹1,050 profit था।
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स्टेप 3: स्प्रेडशीट बनाने में समय बचाने के 3 तरीके
अगर आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो Google Sheets में तीन टैब बनाएं:
टैब 1: ऑर्डर डेटा | SKU | Quantity | Gross Revenue | |-----|----------|---------------| | A001 | 10 | ₹15,000 |
टैब 2: लागतें | SKU | उत्पाद लागत | शिपिंग लागत | पेमेंट फीस | |-----|--------------|---------------|-------------| | A001 | ₹7,500 | ₹1,200 | ₹375 |
टैब 3: Shopee फीस | SKU | कमीशन (15%) | प्लेटफार्म फीस | रिफंड कमीशन | |-----|---------------|----------------|----------------| | A001 | ₹2,250 | ₹300 | ₹90 |
फाइनल फॉर्मूला: net profit = उत्पाद लागत + शिपिंग लागत + पेमेंट फीस + कमीशन + प्लेटफार्म फीस + रिफंड कमीशन - gross revenue
टिप: अगर आप 50+ SKU चला रहे हैं, तो हर महीने फॉर्मूले अपडेट करना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए ऑटोमेशन टूल की तरफ बढ़ें।
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स्टेप 4: ऑटोमेशन टूल इस्तेमाल करें — जब मैन्युअल तरीका थकाऊ हो
अगर आपका Shopee स्टोर बड़ा है (50+ SKU या ₹5 लाख+ मंथली सेल्स), तो मैन्युअल स्प्रेडशीट रखना गलती है। आपको एक ऐसे टूल की जरूरत है जो: - हर दिन Shopee से डेटा खींच सके - लागतों को रियल टाइम अपडेट कर सके - net profit per SKU निकाल सके - आपको मुफ्त रिपोर्ट भेज सके (Email, Telegram, Lark)
मैंने तीन महीने तक स्प्रेडशीट इस्तेमाल किया। उसके बाद मैंने Gomarginify आजमाया — क्योंकि यह 10 मार्केटप्लेस (Shopee, Lazada, AliExpress, आदि) सपोर्ट करता है और सिर्फ SKU लेवल पर ही प्रॉफिट निकालता है।
Gomarginify के साथ: - मुझे हर दिन प्रॉफिट रिपोर्ट मिलती है - जो SKU 10% से ज्यादा मार्जिन खो रहे हैं, उन्हें लाल रंग में दिखाया जाता है - रिफंड और रिटर्न को ऑटोमेटिकली कैलकुलेट किया जाता है - अगर शिपिंग सब्सिडी बदलती है, तो वह भी अपडेट हो जाती है
टिप: Gomarginify का 7 दिन का फ्री ट्रायल है — बिना क्रेडिट कार्ड के। अगर आप पहले ही स्प्रेडशीट इस्तेमाल कर चुके हैं, तो इसे आजमाएं और देखें कि कितना समय बचता है।
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स्टेप 5: कमजोर SKU पहचानें और उन्हें सुधारें
एक बार आपके पास net profit per SKU का डेटा आ जाए, तो कमजोर SKU ढूंढना आसान हो जाता है।
मेरा अनुभव: मैंने देखा कि एक SKU, जिसका मैंने ₹1,200 का प्रॉफिट सोचा था, असल में ₹450 का घाटा चला गया था क्योंकि शिपिंग सब्सिडी घट गई थी। मैंने उस SKU को ब्लॉक कर दिया और उसकी जगह एक नया SKU लिस्ट किया जो ₹900 का प्रॉफिट दे रहा था।
कैसे कमजोर SKU पहचानें: 1. ऐसे SKU जिनका net profit 10% से कम हो 2. ऐसे SKU जिनका रिफंड रेट 5% से ज्यादा हो 3. ऐसे SKU जिनका शिपिंग सब्सिडी लगातार घट रहा हो 4. ऐसे SKU जिनका मार्केटिंग कॉस्ट ज्यादा हो और रिटर्न ज्यादा हो
टिप: Shopee पर स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स चलाते हैं? तो उनके ROI को जरूर ट्रैक करें। अगर आप ₹100 मार्केटिंग पर सिर्फ ₹80 रेवेन्यू पाते हैं, तो वह SKU बंद कर दें।
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स्टेप 6: रिपोर्ट को एक्शन में बदलें — हर हफ्ते दो घंटे रखें
अगर आप सिर्फ डेटा इकट्ठा करते रहेंगे और उसे इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो वह बेकार है। हर हफ्ते दो घंटे निकालें:
1. सबसे ज्यादा कमाई वाले SKU की लिस्ट बनाएं (top 20% SKU जो 80% प्रॉफिट देते हैं) 2. सबसे ज्यादा घाटा वाले SKU बंद करें या उनकी लागत कम करें 3. शिपिंग सब्सिडी को ट्रैक करें — अगर सब्सिडी घट रही है, तो शिपिंग पार्टनर बदलें 4. रिफंड रेट को कम करें — पैकेजिंग बेहतर करें या प्रोडक्ट क्वालिटी सुधारें 5. मार्केटिंग कॉस्ट को ऑप्टिमाइज करें — ऐसे ऐड बंद करें जो अच्छा ROI नहीं दे रहे
मेरा नियम: अगर कोई SKU लगातार 3 महीने तक 5% से कम मार्जिन दे रहा है, तो उसे बंद कर देना चाहिए।
टिप: Gomarginify आपको हर हफ्ते एक ऑटोमेटेड रिपोर्ट भेजता है जिसमें कमजोर SKU हाइलाइट किए जाते हैं। आप बस क्लिक करें और बंद करें।
FAQ
Shopee पर रिफंड और रिटर्न को कैसे ट्रैक करें? क्या Shopee खुद ही कैलकुलेट करता है?
नहीं, Shopee सिर्फ रिफंड अमाउंट दिखाता है, लेकिन उसका असर net profit पर आपको खुद कैलकुलेट करना पड़ता है। हर रिफंड पर: - Shopee 15% कमीशन लेता है - अगर आपने रिटर्न शिपिंग दिया है, तो उसकी लागत भी आपकी जेब से जाती है - gross revenue से रिफंड अमाउंट घट जाता है उदाहरण: अगर ₹1,000 का प्रोडक्ट रिफंड हुआ, तो: - Shopee कमीशन: ₹150 - आपकी लागत: ₹800 (अगर आपने रिटर्न शिपिंग दिया) Net loss: ₹950 अगर आप इसे स्प्रेडशीट में नहीं जोड़ेंगे, तो आपका प्रॉफिट ओवरस्टेटेड दिखेगा।
मेरा Shopee स्टोर छोटा है (₹50,000 मंथली सेल्स)। क्या मुझे ऑटोमेशन टूल की जरूरत है?
अगर आपका स्टोर छोटा है और आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले 2-3 महीने सिर्फ स्प्रेडशीट इस्तेमाल करें। लेकिन अगर आपका लक्ष्य बड़ा है (₹2-3 लाख+ मंथली सेल्स), तो ऑटोमेशन टूल से शुरुआत करें — क्योंकि जैसे-जैसे आपके SKU बढ़ेंगे, डेटा मैनेज करना मुश्किल हो जाएगा। मेरा सुझाव: Gomarginify का फ्री ट्रायल इस्तेमाल करें। अगर आप अपने टाइम को ₹500-₹1,000 प्रति महीने से ज्यादा कीमत लगा रहे हैं, तो ऑटोमेशन टूल सस्ता पड़ता है।
Lazada और AliExpress के लिए भी यही तरीका लागू होगा? क्या Gomarginify सभी प्लेटफार्म सपोर्ट करता है?
हाँ, बिल्कुल। मैंने Lazada और AliExpress पर भी यही तरीका अपनाया है। दोनों प्लेटफार्म पर लागत कैलकुलेशन अलग होता है: Lazada: - कमीशन: 2% से 8% (प्रोडक्ट कैटेगरी पर निर्भर) - प्लेटफार्म फीस: प्रति ऑर्डर ₹10-₹30 - शिपिंग सब्सिडी: Lazada Logistics के जरिए AliExpress: - कमीशन: 5% से 15% - प्लेटफार्म फीस: प्रति ऑर्डर $0.30 - रिफंड: AliExpress खुद 100% रिफंड देता है, लेकिन कमीशन वापस नहीं आता Gomarginify 10 मार्केटप्लेस सपोर्ट करता है — Amazon, Shopify, TikTok Shop, Temu, eBay, Etsy, Walmart, AliExpress, Shopee, Lazada। आप एक ही डैशबोर्ड से सभी प्लेटफार्म के प्रॉफिट ट्रैक कर सकते हैं।
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